राजनीती

मोदी को हराना न मुमकिन

नई दिल्लीः बिहार में महागठबंधन से अलग होने के बाद बीजेपी के साथ सरकार बनाने के फैसले पर अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं के निशाने पर सीएम नितीश कुमार  ने सोमवार को सभी सवालों के जवाब दिए. जहां विपक्ष के कई नेता पीएम मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी के साथ गठबंधन करने पर उनकी कड़ी आलोचना कर रहे है. वहीं नीतीश ने पीएम मोदी की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने यहा तक कह दिया कि इस समय पूरे देश में ऐसा कोई नहीं है जो प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी  का मुकाबला कर सके. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कह कि भविष्य के चुनावों में भी देशभर में मोदी का जादू चलेगा. गौरतलब है कि बिहार के सीएम के रूप में छठवीं बार शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार को पीएम मोदी ने तुरंत बधाई दे दी थी.

नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ गठबंधन को लेकर कहा कि यह पहले से तय नहीं था और उनको मजबूरीवश उसके साथ जाना पड़ा. क्योंकि उनके सामने कोई रास्ता नहीं बचा था. इसके लिए उन्होंने सीधे तौर पर लालू यादव और आरजेडी को जिम्मेदार ठहराया. नीतीश ने विपक्ष को आगाह करते हुए कहा कि पीएम मोदी का मुकाबला करने की किसी में भी क्षमता नहीं है और 2019 में भी दिल्ली की गद्दी पर मोदी के अलावा कोई और नहीं बैठ सकता. नीतीश ने खुद के फैसले का बचाव करते कहा कि बीजेपी के साथ उनका गठबंधन सहयोगी के तौर पर है फॉलोअर के तौर पर नहीं. यानि नीतीश कुमार ने यहां ये स्पष्ट कर दिया कि वे हर मामले में बीजेपी का समर्थन नहीं करेंगे. बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर उनके पूरी तरह साथ होंगे.

 

नीतीश कुमार ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पाकिस्तान की सीमा में घुसकर की गई सर्जिकल स्ट्राइक की सराहना करते हुए कहा कि हमने इसकी प्रशंसा की थी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले का भी हमने कई दलों की तरह समर्थन किया. उन्होंने कहा कि हमने एनडीए से अलग होने पर भी कई मामलों में केंद्र का समर्थन किया है.

 

बीजेपी के साथ गठजोड़ कर सरकार बनाने के बाद विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आए नीतीश कुमार ने कहा कि तेजस्‍वी यादव पर लग रहे आरोपों के बीच मैंने उनसे कहा कि आप मुझे नहीं तो जनता के सामने ही पूरे मामले पर सफाई दें. लेकिन इस पर मेरे बारे में ही मीडिया में गलत खबरें फैलाई गई. इतना ही नहीं मैंने सच्‍चाई जाननी चाही तो मेरा ही मजाक उड़ाया गया.

हो गया था मजबूर

पार्टी की बैठक में काफी विचार- विमर्श के बाद ही यह कदम उठाया गया है. मेरी पार्टी के लोगों ने कहा कि आप अपनी नीति से नहीं हटें. मैं आरजेडी के हर तरह के आरोपों को सहता रहा, अंत में मैंने यह कदम उठाया. उन्‍होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता पर मुझे किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. बीजेपी के साथ पिछली सरकार में अल्‍पसंख्‍यकों के कल्‍याण के लिए काफी काम किए थे.

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amit tomer

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