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शिक्षामित्र हड़ताल के कारण 79 सरकारी स्कूल रहे बंद, छात्र परेशान

शिक्षामित्र हड़ताल: 79 सरकारी स्कूल रहे बंद, छात्र परेशान

प्रतीकात्मक तस्वीर
शिक्षामित्र हड़ताल  की वजह से शनिवार को मुजफ्फरनगर जिले के लगभग 79 सरकारी प्राथमिक विद्यालय बंद रहे. ये लोग सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का विरोध कर रहे हैं जिसमें अखिलेश यादव की सरकार द्वारा पूर्णकालिक शिक्षक के तौर पर उनकी की गई नियुक्ति को रद्द कर दिया गया है.
जिला के बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदर केश यादव के मुताबिक, हड़ताल की वजह से बंद पड़े स्कूलों में अन्य स्कूलों से शिक्षकों की व्यवस्था करने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
उन्होंने बताया कि करीब 79 स्कूल इसकी वजह से बंद रहे, जहां पर तदर्थ शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी.
जिले के खतौली, शाहपुर, बुधाना, पुरकाजी, चरथावल, जानसठ और बाघरा प्रखंडों समेत कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में स्कूल बंद रहे. सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2015 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा था जिसमें अखिलेश सरकार द्वारा पूर्णकालिक शिक्षकों के रूप में उनकी नियुक्ति को खारिज कर दिया गया था, जिसके बाद गुरुवार को शिक्षा मित्रों ने राज्य भर में हड़ताल करना शुरू कर दिया.

वहीं मथुरा जनपद में शनिवार को एक शिक्षामित्र की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई. नौहझील थाने के वरिष्ठ उप-निरीक्षक जयसिंह कठेरिया ने बताया कि मांट तहसील क्षेत्र के बारौठ गांव में सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजित शिक्षामित्र उदय सिंह पुत्र सुखराम (35) निवासी शंकरगढ़ी के परिजनों ने घटना के बारे में सूचित किया.
उन्होंने बताया कि इससे पूर्व उन्हें अचेत देखकर परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के पश्चात उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मामले की पुष्टि हेतु उनका शव पोस्टमॉर्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है. मृतक की 10 और सात वर्ष की दो बेटी तथा पांच वर्ष का एक बेटा है.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंगलवार को प्रदेश के पौने दो लाख शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक के रूप में समायोजन खारिज किए जाने के हाईकोर्ट के निर्णय पर मुहर लगा दिए जाने के बाद से सभी जनपदों में शिक्षामित्र आक्रोश प्रकट कर रहे हैं.
साथी की मृत्यु होने पर शिक्षामित्रों ने पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी है. वे मृत शिक्षामित्र के परिजनों में से एक के लिए सरकारी नौकरी एवं परिवार के जीवन-यापन के लिए आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं आदर्श समायोजित शिक्षक (शिक्षामित्र) वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत सारस्वत ने कहा कि इनमें से कई भविष्य को लेकर बेहद हताश और निराश हो गए हैं जिसके चलते इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं.
उन्होंने कहा कि इससे पूर्व गत वर्ष जब हाईकोर्ट ने निर्णय सुनाया था, तब मथुरा में एक शिक्षामित्र ने ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली थी जबकि एक महिला शिक्षामित्र की भी इसी प्रकार दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई थी.




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