क्राइम

संजीव गुप्ता ने खुद लिखी अपने अपहरण स्क्रिप्ट

आगरा.फि‍रोजाबाद के बिजनेसमैन संजीव गुप्ता के किडनैपिंग केस में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, किडनैपिंग और 100 करोड़ रुपए फिरौती मांगे जाने का मामला फर्जी है। बताया जा रहा है कि संजीव गुप्ता मौज से गाड़ी में घूम रहा है और ‘सपनों की रानी कब आएगी तू’, गाना गा रहा है। उसने खुद अपने किडनैपिंग की कहानी रची थी। जानकारी के अनुसार, संजीव गुप्ता श्रीनगर की वाद‍ियों में घूम रहा था। गुरुवार को उसने खुद को पानीपत में एसटीएफ को सौंप द‍िया। आगे पढ़‍िए पूरा मामला…
– 22 जुलाई को गायब होने के बाद संजीव की लोकेशन एटा के अवागढ़ में मिली थी। संजीव का मोबाइल कुछ वक्‍त के लिए लगातार ऑन और ऑफ हो रहा था। 22 जुलाई की ही रात को दिल्‍ली और नोएडा के बीच मोबाइल की लोकेशन मिली।
– अगले दिन रविवार को यह लोकेशन चंडीगढ़ हो गई, जबकि सोमवार को मोबाइल की लोकेशन जम्‍मू में मिल रही थी। पुलिस के अनुसार मंगलवार को भी लोकेशन में बदलाव आया था।
– इतनी तेजी से संजीव का लोकेशन बदलना अपहरण को संदिग्‍ध बना रहा था।
– रिटायर्ड सीओ राजेंद्र उपाध्‍याय ने बताया, किडनैपर्स इतनी लंबी दूरी नहीं तय करेगा। ऐसे में पकड़े जाने की आशंका ज्‍यादा रहती है।संजीव के व्हॉट्सएप से सैंकड़ों लोगों को पहुंचा फिरौती का मैसेज
– संजीव गुप्‍ता के अपहरण की सूचना के बाद उनकी पत्‍नी ने पुलिस को सूचना दी कि उनके व्हॉट्सएप पर 100 करोड़ रुपए फिरौती मांगी गई है।
– पुलिस को यही लगा कि सिर्फ पत्‍नी को मैसेज भेजा गया। लेकिन, सोमवार को जब लोगों की भीड़ संजीव गुप्‍ता के घर पर पहुंचने लगी तब पता चला कि उन सभी लोगों को फिरौती का मैसेज भेजा गया है, जिनका नंबर मोबाइल में था। इनमें बीसी कारोबारी से जुड़े सैंकड़ों लोग शामिल थे।
– इसके पीछे की वजह पुलिस नहीं समझ पा रही है। पुलिस का भी कहना है कि अपहरण की वारदात में इस तरह की घटना पहले नहीं सुनी गई।सौ करोड़ फिरौती की रकम क्‍यों मांगी?
– बताया जा रहा है कि फिरोजाबाद में अपहरण का अलग तरह का ट्रेंड है। 19 मई को बिजनेसमैन संजीव मित्‍तल का अपहरण कुछ घंटे के लिए हुआ था। उस समय पांच करोड़ फिरौती की बात सामने आई थी।
– उस समय पुलिस से पहले कारोबारी के कर्मचारी अपहरणकर्ताओं के पास पहुंच गए थे। तब सूत्रों ने दावा किया था कि अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम किश्‍त में बांध दी थी। छोड़ने के बाद भी रकम देने थी।
– लेकिन, संजीव गुप्‍ता के मामले में सौ करोड़ की फिरौती का मैसेज आया है। आमतौर पर अपहरणकर्ता रेकी के बाद पकड़ते हैं और हैसियत का अंदाजा भी लगाते हैं। फिरौती की इतनी बड़ी रकम क्‍यों मांगी गई, यह सवाल बना हुआ है।अलीगढ़ में टोल से ठीक पहले क्‍यों छोड़ी गई कार
– संजीव की कार अलीगढ़ में नेशनल हाइवे पर मिली है। यह पंक्‍चर थी। जबकि इसमें ट्यूबलेस टायर हैं। चलते रहने की हालत में पंक्‍चर के बाद भी यह कार लगातार दौड़ सकती थी।
– हाइवे पर टोल प्‍लाजा में सीसीटीवी कैमरे लगे होते हैं। इसके सौ मीटर पहले गाड़ी मिलना मामले को संदिग्‍ध बना रहा है। आमतौर पर अपहरणकर्ता वाहन को ऐसी जगह छोड़ते हैं, जो मुख्‍य मार्ग न हो।ठप पड़ने लगा था बीसी कारोबार
– बताया जा रहा है कि कारोबारी संजीव गुप्‍ता ने बीसी और सिक्‍का कारोबार से करोड़ों रुपए निकालकर स्‍कूल, रेस्‍टोरेंट और अन्‍य बिजनेस में हाथ आजमाया था, लेकिन सही रिटर्न नहीं मिल सका।
– बीसी और सिक्‍का कारोबार में पांच साल बाद रकम 12 फीसदी सालाना ब्‍याज के साथ लौटानी होती है। पहले वक्‍त पूरा होने के तीन दिन में लोगों को रकम मिल जाती थी। लेकिन, पिछले छह महीने से रकम वापसी में पहले 15 दिन फिर डेढ़ महीने की देरी होने लगी।
– इसकी वजह से संजीव गुप्‍ता का कारोबार की विश्‍वसनीयता पर सवाल उठने लगे थे।

About the author

amit tomer

Add Comment

Click here to post a comment




Trending