क्राइम

अपनी जान देकर बेटे ने माँ को बचाया

सुलतानपुर में बिजली विभाग की लापरवाही से टूटकर गिरे हाईटेंशन तार की चपेट में आकर जहां एक बेटे की मौत हो गई वहीं इस हादसे में मां बुरी तरह झुलस गई. आनन-फानन में घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिये जिला अस्पताल रेफर कर दिया. इस दर्दनाक हादसे के बाद जहां पूरे इलाके में कोहराम मचा है, वहीं बिजली विभाग के खिलाफ लोगों में खासा आक्रोश भी है.

गौरतलब हो  कि बल्दीराय थाना क्षेत्र के उमरी पारा मजरे बीही निदूरा गांव की रहने वाली 50 वर्षीय निर्मला देवी खेत में घास काटने गईं थीं. खेत में गिरे हाईटेंशन तार को वह देख नहीं पाईं और उसकी जद में आ गईं. करेंट से झुलस रही निर्मला जोर से चिल्लाई. मां के चीखने की आवाज पर घास लेने गया 20 वर्षीय बेटा समरजीत यादव उस तरफ दौड़ पड़ा. तार में उलझी मां को देखा तो वह बिना कुछ सोचे समझे मां को तारों से छुड़ाने लगा. किसी तरह उसने मां को बिजली के तार से तो अलग कर दिया, लेकिन खुद उसकी चपेट में आ गया. जिससे वह बुरी तरह झुलस गया. समरजीत की मौके पर ही मौत हो गई जबकि निर्मला झुलसने से बेहोश हो गई. थोड़ी देर बाद जब कुछ ग्रामीण खेत की तरफ गए तो दोनों को बेहोश देखकर सकते में आ गए.

आनन-फानन में दोनों को बल्दीराय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां डॉक्टरों ने समरजीत को मृत घोषित कर दिया जबकि मां निर्मला की हालत नाज़ुक देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया.

समरजीत यादव तीन भाइयों में सबसे छोटा था. वह इसी थाना क्षेत्र के बहुरावा गांव में आटा चक्की चलाता था. लगभग 6 माह पहले उसके पिता की भी मौत हो चुकी है. इस दर्दनाक हादसे ने इलाके के लोगों को हिलाकर रख दिया.

हादसे के लिए इलाके के लोग पूरी तरह बिजली विभाग को दोषी मान रहे हैं. लोगों का कहना है कि जब तार टूटकर गिर गया था तो बिजली क्यों नही कटी. कायदे से कहीं भी तार टूटता है तो आटोमैटिक रूप से बिजली ड्रिप कर जाती है, लेकिन यहां ऐसा नही हुआ.

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