राजनीती

अब सिक्युरिटी के बिजनेस में रामदेव

  • हरिद्वार में बाबा रामदेव ने किया फर्म का शुभारंभ
  • रिटायर्ड आर्मी और पुलिस अधिकारी देंगे ट्रेनिंग
  • महिलाओं समेत अब तक 400 लोग ट्रेनिंग ले चुके है

सच का उजाला नेटवर्क/एजेंसी

हरिद्वार। एमएमसीजी में अपना सिक्का जमाने के बाद योगगुरू बाबा रामदेव अब प्राइवेट सिक्युरिटी मार्केट मे उतर आए हैं। गुरुवार को हरिद्वार में बाबा रामदेव ने एक सिक्युरिटी फर्म की शुरुआत कर दी, जिसका नाम है पराक्रम सुरक्षा प्राइवेट लिमिटेड।

अपनी सिक्योरिटी कंपनी की शुरूआत पर योग गुरू ने कहा है कि पराक्रम का लक्ष्य देश के प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रीय चेतना जगाने और देश के युवाओं में स्वस्थ शारीरिक व मानसिक दक्षता का वातावरण निर्मित करने का कार्य करना है।  पंतजलि के निजी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाबा रामदेव सुरक्षा एजेंसी के लिए रिटायर्ड आर्मी और पुलिस अधिकारियों की सेवाएं लेंगे, जोकि युवाओं को ट्रेनिंग देंगे।  रिपोर्ट के अनुसार योगगुरु बाबा रामदेव साल के अंत तक इस योजना की पूरी रूपरेखा तैयार करने की योजना बना रहे हैं। खबर के अनुसार कई रिटायर्ड अधिकारी स्वयंसेवक के रूप में ‘पराक्रम’ को अपनी सेवाएं देने के लिए इसमें शामिल भी हो चुके हैं जोकि युवाओं को सुरक्षा तकनीक से अवगत कराएंगे। पतंजलि के प्रवक्ता एसके तिजरावाला ने बताया कि अभी तक 400 लोग ट्रेनिंग ले चुके हैं। प्रशिक्षण के लिए एक पूरा मॉड्यूल बनाया गया है।  इसमें महिलाएं भी प्रशिक्षण ले रही हैं।

बता दें कि एफआईसीसीआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्राइवेट सिक्योरिटी का बिजनेस 40 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। इन सिक्योरिटी कंपनियों के करीब 50 लाख ट्रेंड सुरक्षा गार्ड शॉपिंग मॉल, व्यक्तिगत तौर पर लोगों की सुरक्षा, कॉर्पोरेट जगत से जुड़ी हस्तियों की सुरक्षा व अन्य क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।  इस समय यह सेक्टर 40 हजार करोड़ रुपये का है।

बता दें कि अब तक कई साधु-संत अपना खुद का सुरक्षा दस्ता रखते रहे हैं, जो बाकायदा उच्च प्रशिक्षण प्राप्त होते हैं। कुछ साल पहले हरियाणा में सतलोक आश्रम के संत बाबा रामपाल के अनुयायियों की पुलिस से संघर्ष हुआ था। पुलिस को बाबा रामपाल के अनुयायियों पर काबू पाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। इसी प्रकार मथुरा में हाल ही में जवाहर बाग की घटना भी कुछ ऐसी ही है। ऐसे में सिक्युरिटी के क्षेत्र में बाबा रामदेव के उतरने पर भी कई हलकों से सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

 

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