राजनीती

‘निजता के अधिकार पर मोदी सरकार का यू-टर्न’

सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार माना है और इस फ़ैसले की व्याख्या केंद्र सरकार के लिए झटके के तौर पर की जा रही है.

हालांकि केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ़्रेस करके इस फ़ैसले का स्वागत किया और विपक्ष पर पलटवार किए.

उन्होंने ट्विटर पर भी लिखा कि सरकार चाहती थी कि निजता के हक को मौलिक अधिकार माना जाए. कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा, ‘आपातकाल के समय निजी स्वतंत्रता की रक्षा में कांग्रेस का रिकॉर्ड क्या रहा है?’

‘जायज़ पाबंदियों के साथ’

कानून मंत्री ने कहा कि फ़ैसला पढ़े बिना सुबह से हमें सिविल लिबर्टी की दुहाई दी जा रही है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने उसी बात को पुष्ट किया है जो संसद में आधार बिल लाते समय सरकार ने कही थी.

उन्होंने कहा, ‘निजता मौलिक अधिकार होनी चाहिए, लेकिन जायज़ पाबंदियों के साथ.’

उन्होंने कहा कि आधार बिल पेश करते समय ही अरुण जेटली ने राज्यसभा में कहा था कि मैं स्वीकार करता हूं कि निजता का अधिकार संभवत: मौलिक अधिकार है, लेकिन कुछ मामलों में इसमें जायज़ पाबंदियां होंगी.

‘यू-टर्न और मोदी-शाह की चुप्पी’

माकपा नेता सीताराम येचुरी

उनके इस बयान को माकपा नेता सीताराम येचुरी ने सरकार का यू-टर्न कहा है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “निजता के अधिकार पर सरकार के यू-टर्न की कोशिश वाली सरकारी मूर्खता मोदी और शाह की चुप्पी से और बढ़ गई है.”

इससे पहले येचुरी ने कहा कि हम आधार को अनिवार्य किए जाने और विदेश तकनीकी कॉरपोरेट्स की ओर से डेटा के ग़लत इस्तेमाल का विरोध करते रहे हैं. यह फ़ैसला हमारे अधिकार को सुरक्षित रखने की राह बनाएगा.

उनसे पहले विपक्षी दलों के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार के रुख़ के लिए उसकी आलोचना की.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष ने एक साथ निजता के अधिकार में कटौती की भाजपा सरकार की कोशिशों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी.

‘1947 में मिली आज़ादी समृद्ध हुई’

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे फ़ासीवादी ताक़तों की हार और प्रत्येक भारतीय की जीत बताया था. उन्होंने लिखा था, “सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला फ़ासीवादी ताक़तों के लिए बड़ा झटका है. निगरानी के ज़रिए दमन वाली भाजपाई विचारधारा को ख़ारिज़ किया गया है.”

यूपीए के समय वित्त मंत्री रहे कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने ट्विटर पर लिखा, “निजता एक मौलिक अधिकार है. 1947 में जो आज़ादी हासिल की गई थी वो अब समृद्ध और बड़ी हुई है.”

यूपीए के समय वित्त मंत्री रहे कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने ट्विटर पर लिखा, “निजता एक मौलिक अधिकार है. 1947 में जो आज़ादी हासिल की गई थी वो अब समृद्ध और बड़ी हुई है.”

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पर ट्वीट किया, “शुक्रिया सुप्रीम कोर्ट इस बहुत महत्वपूर्ण फ़ैसले के लिए.”

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है, ‘निजता के मौलिक अधिकार की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद.’

ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने भी फैसले का स्वागत करते हुए इसे निजी आज़ादी और नागरिक स्वतंत्रता की दिशा में बड़ा क़दम बताया है.

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