इंटरनेशनल क्राइम राजनीती

पाकिस्तान में सिख, ईसाई और हिंदुओं की धार्मिक आजादी खतरे में: अमेरिका

वॉशिंगटन.   भारत में बीते साल गोरक्षकों के अल्पसंख्यकों खासतौर पर मुस्लिमों पर किए जाने वाले हमलों में बढ़ोत्तरी हुई है। अफसर इन गोरक्षकों पर मुकदमा चलाने में नाकाम साबित होते हैं। अंतरराष्ट्रीय धार्मिक आजादी को लेकर मंगलवार को जारी की गई अमेरिका की एक आधिकारिक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में क्रिश्चियंस पर होने वाले हमलों में एक साल के अंदर 70% की बढ़ोत्तरी हुई है। उधर पाकिस्तान के बारे में रिपोर्ट का कहना है कि वहां अल्पसंख्यकों की धार्मिक आजादी खतरे में है। उन्हें मुस्लिम धर्म अपनाने को मजबूर किया जा रहा है।
ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन में पहली बार जारी की गई रिपोर्ट…
– ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान यह रिपोर्ट पहली बार जारी की गई है। इसे विदेश मंत्री रेक्स टिलर्सन ने जारी किया।
हिंदुओं ने मुस्लिम-क्रिश्चियंस पर हमला किया
– अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपनी इस सालाना रिपोर्ट में कहा है, “धार्मिक वजहों से लोगों के मारे जाने, हमला करने, दंगे, भेदभाव, बर्बरता और लोगों को उनकी धार्मिक मान्यताओं और विश्वास के अधिकारों से रोकने के लिए की गईं कार्रवाई की खबरें थीं। “
– बता दें कि इंटरनेशन रिलीजियस फ्रीडम रिपोर्ट में हर देश में धार्मिक आजादी का रिव्यू किया जाता है।
– इसमें कहा गया है कि ज्यादातर मुस्लिमों के खिलाफ गोरक्षकों की ओर से की जाने वाली हिंसा में बढ़ोत्तरी हुई है। इनमें हत्या, भीड़ की हिंसा, हमला और धमकी की घटनाएं शामिल हैं। ये हमले गायों का कत्ल करने, उनका गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन या कारोबार करने या बीफ खाने के शक में किए गए हैं।
– रिपार्ट में कहा गया है, “हिंदुओं ने मुस्लिम और क्रिश्चियंस को धमकाया, उन पर हमला किया और उनकी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया।”
क्रिश्चियंस पर हमलों में 70% बढ़ोत्तरी
– रिपोर्ट में एवेंजिकल फैलोशिप ऑफ इंडिया (EFI) के हवाले से कहा गया है कि 2016 में क्रिश्चियन पर हमलों के 300 मामले सामने आए। 2015 में यह आंकड़ा 177 था। यानी इसमें 70% की बढ़ोत्तरी हुई है।
– रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के तीन तलाक की संवैधानिक वैधता को लेकर हो रही सुनवाई का भी जिक्र किया गया है। इस प्रेक्टिस को दी गई चुनौतियों पर सरकार ने भी अपना पक्ष रखा है।
– इसमें मोदी के महोबा 24 अक्टूबर को दिए उस बयान का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने कहा था, “धार्मिक आधार पर महिलाओं के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए और उनके अधिकारों की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है।”
– रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मुस्लिम कम्युनिटी के लीडर्स सरकार के इन कदमों को उनकी धार्मिक जिंदगी में दखल बता रहे हैं।
मोदी ने कहा- आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं
– नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ही स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दी कहा, “कभी-कभी आस्था के नाम पर लोग ऐसा काम करते हैं कि देश का ताना-बाना उलझ जाता है। ये गांधी और बुद्ध की भूमि है। सबको साथ लेकर चलना हमारी परंपरा का हिस्सा है। आस्था के नाम पर हिंसा को बल नहीं दिया जा सकता। ये देश स्वीकार नहीं कर सकता। मैं देशवासियों से आग्रह करूंगा कि तब भारत छोड़ो नारा था, आज भारत जोड़ो नारा है। हर व्यक्ति, तबके और समाज के साथ आगे बढ़ना है।”
– मोदी यहां इशारों-इशारों में गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा का जिक्र कर रहे थे। वे पहले भी यह बात कह चुके हैं।
पाकिस्तान में भी हिंदू-सिख को खतरा
– रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में भी धार्मिक आजादी खतरे में है। वहां अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले हो रहे हैं।
– रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में सिख, क्रिश्चियन और हिंदू जैसे अल्पसंख्यकों को जबर्दस्ती धर्मांतरण का डर सताता रहता है। पाकिस्तान की सरकार इसे रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठा पाती है।
– रिपोर्ट में आगे लिखा है, “अल्पसंख्यकों को जबरन इस्लाम कबूल करवाने से रोकने के लिए सरकार की ओर से की गईं कोशिशें नाकाफी हैं। वहां दो दर्जन से ज्यादा लोग ईशनिंदा (blasphemy) की वजह से या तो फांसी का इंतजार कर रहे हैं या उम्रकैद काट रहे हैं।”

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