इंटरनेशनल क्राइम

पाकिस्तान के क्वेटा में एक गाड़ी को निशाना बनाकर ब्लास्ट, 8 जवानों समेत 17 लोगों की मौत

कराची. पाकिस्तान के क्वेटा में शनिवार को सिक्युरिटी फोर्स की एक गाड़ी को निशाना बनाकर ब्लास्ट किया गया, जिसमें सेना के 8 जवानों समेत 17 लोगों की मौत हो गई। 30 से ज्यादा घायल हो गए। इनमें 10 जवान शामिल हैं। जियो टीवी के मुताबिक, शनिवार देर रात यह विस्फोट पिशिन बस स्टॉप के पास हुआ जो कड़ी सिक्युरिटी वाला इलाका है। मीडिया रिपोर्ट्स ने बलूचिस्तान के गृह मंत्री मीर सरफराज बुगती के हवाले से बताया कि ब्लास्ट फ्रंटियर कोर के एक ट्रक को निशाना बना कर किया गया।
14 अगस्त को पाकिस्तान का इंडिपेंडेंस-डे…
– इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशन (ISPR) के डीजी मेजर जनरल आसिफ गफूर ने एक ट्वीट किया, “यह हमला इंडिपेंडेंस डे फेस्टिवल में खलल डालने के इरादे से किया गया है। हमारा इरादा किसी चुनौती के आगे घुटने नहीं टेकेगा।”
– बता दें कि सोमवार (14 अगस्त) को पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस है। हमले के बाद आर्मी ने पूरे इलाके को घेर लिया है और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
धमाके से लगी आग में जलीं कई गाड़ियां
– धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के इलाकों में काफी दूर तक आवाज सुनी गई। इससे लगी आग की चपेट में कई गाड़ियां आ गईं।
– क्वेटा के ईदी ट्रस्ट के एक ऑफिशियल ने बताया कि मौके पर करीब 15 बॉडी निकाली गई हैं। उन्होंने कहा कि मौत का आंकड़ा ज्यादा हो सकता है।
फिदायीन हमला या बम ब्लास्ट?
– बलूचिस्तान के गृह मंत्री मीर सरफराज बुगती के मुताबिक, बम डिस्पोजल स्क्वाड पता लगा रहा है कि यह फिदायीन हमला था कि या बम ब्लास्ट। अभी किसी आतंकी गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
– उन्होने बताया कि करीब 30 घायलों को इलाज के लिए सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। इनमें से 6-7 लोगों की हालात गंभीर है। उन्होंने 10 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। हालांकि, लोकल टीवी चैनल की रिपोर्ट में 17 लोगों की मौत की बात कही जा रही है।
हॉस्पिटल में हुए ब्लास्ट में मारे गए थे 75 लोग
– क्वेटा के सिविल हॉस्पिटल में ही पिछले साल एक हॉस्पिटल में ब्लास्ट हुआ था, जिसमें 75 लोगों की मौत हो गई थी।
– क्वेटा की शाह नूरानी दरगाह पर पिछले साल नवंबर में हुए धमाके में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। 100 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे।
– बलूचिस्तान के मस्तंग में 10 मार्च को हुए ब्लास्ट में 25 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें पाकिस्तान संसद के डिप्टी चेयरमैन मौलाना अब्दुल गफूर हैदरी बाल-बाल बचे थे।
बलूचिस्तान में 15 साल में 1400 हमले
– बलूचिस्तान में पिछले 10-15 साल में आतंकी हमले बढ़े हैं। पिछले 15 साल में शिया और हजारा कम्युनिटी को टारगेट करके 1400 से ज्यादा हमले हो चुके हैं।
– बलूचिस्तान में 13 साल में करीब 38 सुसाइड अटैक हुए हैं, जिनमें लगभग 500 लोग मारे गए हैं।
– क्वेटा शहर में 2016 में 36 आतंकी हमले हुए हैं। इनमें 119 लोगों की मौत हुई है।
PAK से आजादी चाहता है बलूचिस्तान
– बलूचिस्तान एरिया के हिसाब से पाकिस्तान का सबसे बड़ा (3,47,190 स्क्वेयर किलोमीटर) प्रांत है। इसका बॉर्डर ईरान और अफगानिस्तान से लगा है।
– यहां अलगाववादी पाक आर्मी की तैनाती का विरोध करते हैं। बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से आजादी की मांग करते रहे हैं।
– इसके अलावा यहां के अलगाववादी लंबे अरसे से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे हैं वे गैस के खजाने से भरे इस इलाके में अपने शेयर की डिमांड कर रहे हैं।

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