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अनुभवों के मामले में भारत 20 साल पीछे: डुरैंट बास्केटबॉल

अमेरीका के मशहूर बास्केटबॉल खिलाड़ी केविन डुरैंट बास्केटबॉल के प्रमोशन के लिए भारत आए. अपनी भारत यात्रा के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि ये एक ऐसा देश है जो ज्ञान और अनुभवों के मामले में 20 साल पीछे है.

नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (NBA) के स्टार खिलाड़ी डुरैंट ने कहा कि उनकी भारत यात्रा काफी विचित्र रही, जैसी उन्हें उम्मीद भी नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘यहां गलियों में गाय दिखती हैं, बंदर दिखते हैं, लाखों लोग सड़क किनारे चलते हैं, लाखों गाड़ियां दौड़ती हैं, लेकिन फिर भी ट्रफिक नियमों का उल्लंघन नहीं होता’.

उन्होंने कहा कि इन सब में कुछ चुनिंदा ऐसे लोग हैं जिनके पास सुविधा का अभाव है और वो बास्केटबॉल सीखना चाहते हैं. ये बात मुझे बेहद हैरान करती है.

डुरैंट ने ये बातें खेल वेबसाइट The Athletic से कहीं. उन्होंने अपनी ताज महल की यात्रा का एक वाक्या भी शेयर किया. उन्होंने कहा, ‘जब में ताज महल देखने के लिए निकला तो मैंने सोचा था कि वह एक धार्मिक जगह होगी, जो काफी सुरक्षा के घेरे में होगी और आस-पास बहुत सफाई मिलेगी. लेकिन ताज के रास्ते ने मुझे मेरे बचपन की गलियां याद दिला दीं. यहां रास्तों के बीच में मिट्टी पड़ी है, घर अधूरे बने हुए हैं जिसमें लोग रह भी रहे हैं. न खिड़कियां हैं न दरवाजे. गलियों में गाय और आवारा कुत्ते घूमते दिख रहे हैं, फिर अचानक से सामने ताज महल आ जाता है.’

भारत की यात्रा के अपने पूरे अनुभव के बारे में डुरैंट ने कहा, ‘मेरा अनुभव काफी विचित्र रहा. मैं किसी भी तरह की उम्मीद लेकर नहीं गया था कि ये देश कैसा होगा. मैंने सोचा था कि भारत मैं अलग-अलग जगह घूमूगां जहां मुझे रॉयल जीवनशैली और सोने से सजी चीजें दिखेंगी. मैंने सोचा था कि भारत दुबई की तरह होगा. लेकिन यहां पहुंचकर जब मैंने लोगों की संस्कृति और रहन-सहन को देखा तो समझ आया कि ये सब कितना संघर्षपूर्ण है.’

बता दें कि केविन डुरैंट NBA के जानेमाने खिलाड़ी हैं. वो गोल्डन स्टेट वॉरियर्स टीम के तरफ से खेलते हैं. भारत में भी डुरैंट के काफी प्रशंसक हैं.

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amit tomer

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