राजनीती

एमपीओसी ने एमडीए के साथ की साझेदारी

न्यूज एजेंसी,

मुम्बई। भारत में मलेशिया के प्रधानमंत्री, दातो हाजी मोहम्मद नजीब बिन तुन हाजी अब्दुल रजाक की यात्रा के अनुरूप मलेशियन पाम आॅईल काउंसिल (एमपीओसी) ने मुंबई डब्बावाला एसोसिएशन (एमडीए) के साथ एक समझौतापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौता पत्र को आगे बढ़ाते हुए 8 अगस्त की सुबह, एमपीओसी और मुंबई डब्बावाला ने मलेशिया के पाम आॅईल और इसके फायदों पर जागरुकता बढ़ाने के लिए एक आयोजन की शुरूआत की।
यह कार्यक्रम लोअर परेल ब्रिज पर आयोजित किया गया, जिसमें डब्बावालों ने एमपीओसी के संदेश के साथ टी-शर्ट और टोपियां पहनीं। इसके बाद उन्होंने डब्बों के साथ पाम आॅईल में पकाए जाने वाले व्यंजनों और रेसिपी तथा पाम आॅईल के फायदों के बारे में बुकलेट भी वितरित की। डब्बा वाले मलेशियन पाम आॅईल के पोषण व गुणों के बारे में जागरुकता बढ़ाने और एमपीओसी को बढ़ावा देने के सशक्त माध्यम हैं। यह भारतीय रसोई में काफी उपयोगी है क्योंकि इस तेल में ज्यादातर व्यंजन बनाए जा सकते हैं। यह सेहतमंद तेल शरीर को पोषण देने के साथ स्वादिष्ट व्यंजन भी प्रदान करता है।
कार्यक्रम को शुरू करने के लिए डॉ. कल्याण सुंदरम, सीईओ, एमपीओसी भी मौजूद थे और डब्बा वालों के बेहतरीन कार्य की सराहना करने के साथ उन्हें पाम आॅईल के प्रयोग के लिए प्रेरित कर रहे थे। यह सुबह काफी खुशनुमा व मनोरंजक थी और महाराष्ट्र के परंपरागत लेजिम नृत्य के साथ यहां की संस्कृति का प्रदर्शन कर रही थी। लेजिम नृत्य महाराष्ट्र का लोकनृत्य है, जो ढ़ोलकी की तानों पर किया जाता है।
इस अवसर पर डॉ. कल्याण सुंदरम, सीईओ, एमपीओसी ने कहा, मुझे आज सुबह यहां आकर काफी खुशी हो रही है। डब्बावाला इस शहर का अभिन्न हिस्सा हैं और वो भारतीयों की कड़ी मेहनत, उत्तरदायित्व और प्रभावशीलता को परिभाषित करते हैं। वो बारिश या तूफान में भी चेहरों पर मुस्कुराहट लिए लगातार काम करते हैं।

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