क्राइम

नशा पूर्ति को लेता था सांप का जहर

पटना। बिहार में शराबबंदी के बाद लोगों ने अपनी लत पूरी करने के लिए कई तरह के रास्ते अपनाना शुरू कर दिए। इन्ही में से एक समस्तीपुर जिले में एक किसान था जो नशे का इतना आदी था कि शराबबंदी के बाद जब उसे शराब मिलनी बंद हो गई तो उसने कोबरा पाल लिया। जब भी उसे नशे की जरूरत होती तो वह कोबरे से शरीर पर डसवा लेता था, इससे उसे शराब की कमी महसूस नहीं होती थी।
5 अगस्त को उसने दिनभर में तीन बार सांप से खुद को डसवा लिया जिससे जहर की मात्रा ज्यादा हो गई और उसकी हालत काफी खराब हो गई। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उसे बहुत मुश्किल से बचाया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक 50 साल का पीड़िता राणा पतेश्वर सिंह वारिसनगर का रहने वाला है। पीड़ित के चाचा जेपी सेनानी ललन सिंह ने बताया कि राणा को किसी भगत ने कुछ दिन पहले एक कोबरा लाकर दिया था। उसके चाचा ने बताया कि राणा ने उनसे कहा था कि सांप के विष का दांत तोड़ा हुआ है। लेकिन, वह सांप से डसवा रहा है, इसकी जानकारी घर के लोगों को नहीं हुई। ललन सिंह के अनुसार राणा बचपन में भी एक नाग को पकड़ कर प्लास्टिक के डिब्बे में छेद कर बंद कर दिया था। बाद में जब घरवालों को इसकी जानकारी हुई थी तो घरवालों ने सांप को घर के लोगों ने जंगल में छोड़ दिया था।कोबरा के जहर से पीड़ित राणा पतेश्वर सिंह का इलाज करने वाले सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर जयकांत पासवान ने कहा कि 6 अगस्त को 12:20 बजे उसे हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। इलाज के दौरान पता चला कि उसके पूरे शरीर में जहर फैल चुका था। राणा की जैसी स्थिति थी, आमतौर पर सांप से काटे हुए व्यक्ति की नहीं होती। राणा को देख कर लगा किसी जहरीले सांप ने उसे कई दिनों से लगातार डंसा है। इतने जहर से बचना मुश्किल होता है।
डॉक्टर जयकांत ने बताया की वह मरीज दो दिनों से सदर अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती था। सांप के अधिक काटने के कारण उसे भर्ती कराया गया था। बेहोशी की हालत से उसे होश में लाने के लिए उसे काफी मात्रा में सूई दी गई। तब जाकर उसे होश आया था। यह पूछे जाने पर कि सांप से कटवाने पर आदमी जिंदा रह सकता है। डॉक्टर ने कहा यह सम्भव है। बशर्ते कि स्नेक बाईट का डेप्थ नही हो।

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