आगरा

हरेला पर्व से हुआ भादो माह में प्रवेश

सच का उजाला नेटवर्क
आगरा। आसमान से बरसती बूंदों के बीच आगरा सिकंदरा पश्चिम पुरी पार्क में हरेला पर्व मनाया गया जिसमें आरएसएस के क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम महानगर प्रचारक गोविंद और भाजपा महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे ने भादो माह के प्रथम दिन पार्क में 51 पौधे लगाए।।
विशेष रूप से आगरा आये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम द्वारा वृक्षारोपण किया गया और इस अवसर पर उन्होंने वृक्षों की जीवन मे महत्वता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकृति का सरंक्षण करने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना अत्यंत आवश्यक है इससे वायुमंडल में मिश्रित जहरीली गैसो का प्रभाव कम किया जा सकता है प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित कर जीवन सरंक्षित कार्य में सहभागिता के लिए आगे आना चाहिए और युवाओं को वृक्षारोपण के महत्व को समझना चाहिए। जनजागरण की आवश्यकता है विशेषकर इस तरह के आयोजनों से युवा पीढ़ी को जोड़ना चाहिए। आगरा महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे ने इस अवसर पर कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को पांच वृक्ष लगाने और उनकी सुरक्षा की प्रतिज्ञा करनी चाहिए। प्रकृति से मानव को जीवन मिला है तो मानव का कर्तव्य है कि प्रकृति सरंक्षित करने हेतु अभियान चलाए जाए।
महानगर प्रचारक गोविन्द ने पार्क में वृक्षारोपण कराया। कार्यक्रम संयोजक भाजपा युवानेता नीतेश शिवहरे ने व्यवस्था संभाली। खेरागढ़ विधायक महेश गोयल संजय मिश्रा, बबीता चौहान, हरेला आयोजन समिति संयोजक अशोक चौबे, भाजपा नेता एवं शिक्षाविद संजीव यादव, विहिप महानगर अध्यक्ष दीपक अग्रवाल, मंत्री राजीव शर्मा, पायल सिंह चौहान, पप्पन कुशवाह आदि मौजूद रहे।

मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
आगरा। पचकुइयां का भुजरिया मेला बहुत प्राचीन माना जाता है। हर वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रमों व भक्ति के साथ इस मेले का आयोजन पचकुइयां चौराहे पर किया जाता है। हर वर्ष की तरह मंगलवार को प्राचीन भुजरिया मेले का आयोजन किया गया । मुख्य अतिथि के रूप मैं विधायक योगेंद्र उपाध्याय, चौधरी उदयभान सिंह, और जगन प्रसाद गर्ग मौजूद रहे। मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन करने के बाद फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया गया।
पचकुइयां व्यवसाय समिति के अध्यक्ष मुनेंद्र जादौन ने अतिथियों का स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यातिथि चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि इस तरह के मेले सामाजिक सदभाव के प्रतीक है। जहां लोग जाति-धर्म संप्रदाय से ऊपर उठकर एकजुटता के साथ शामिल होते हैं। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसका सभी ने आनंद उठाया। रक्षाबंधन पर अपने भाइयों के राखी बांधने आई बहनों ने भी इस मेले का आनंद उठाया। बच्चों के लिए मेले में झूले, खिलौने, चाट-पकौड़ी, वालों की भीड़ रही।