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टेरर फंडिंग केस में एनआईए ने कश्मीर के अलगाववादी नेता गिलानी के बेटों से सवाल किए

नई दिल्ली/श्रीनगर. टेरर फंडिंग केस में एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने मंगलवार को कश्मीर के बड़े अलगाववादी नेता और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सैय्यद अली शाह गिलानी के बेटों से पूछताछ की। एजेंसी ने नईम और नसीम से मामले से जुड़े कई सवाल किए। गिलानी को पाकिस्तान समर्थक अलगाववादी नेता माना जाता है। बता दें कि एनआईए इस मामले में गिलानी के दामाद अल्ताफ अहमद शाह (अल्ताफ फंटूश) समेत कश्मीर के 7 अलगाववादी नेताओं को अरेस्ट कर चुकी है।
बड़ा बेटा डॉक्टर है, छोटा बेटा यूनिवर्सिटी में काम करता है…
 – NIA ऑफिशियल्स ने बताया कि गिलानी के बेटों को समन भेजा गया था, जिसके बाद वे सुबह करीब 11 बजे नई दिल्ली में एजेंसी के हेडक्वार्टर पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ की गई। गिलानी का बड़ा बेटा नईम एक डॉक्टर है और पाकिस्तान में भी रह चुका है। एजेंसी ने उसे 27 जुलाई और एक अगस्त को समन भेजा था। तबीयत खराब होने के चलते वह श्रीनगर में एक हॉस्पिटल में भर्ती था, लिहाजा वह एजेंसी के सामने पहले पेश नहीं हो सका था। नईम को गिलानी का उत्तराधिकारी माना जाता है। तहरीके-हुर्रियत में इसे गिलानी के बाद दूसरा कद हासिल है।
– गिलानी का छोटा बेटा नसीम जम्मू-कश्मीर सरकार में इम्प्लॉई है। उसे 2 अगस्त को समन भेजा गया था, लेकिन वह भी एजेंसी के सामने पेश नहीं हुआ था।
– बता दें कि इसी साल मई के आखिर में सूत्रों के हवाले से ये खबर सामने आई थी कि तीन अलगाववादी नेताओं ने एनआईए को पूछताछ में ये बताया है कि उन्हें घाटी में आतंक फैलाने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाक स्थित आतंकी संगठनों से फंड मिलता है।
एनआईए इन अलगाववादी नेताओं को कर चुकी है अरेस्ट
– एनआईए ने टेरर फंडिंग केस में इसी साल 24 जुलाई को कश्मीर के जिन 7 अलगाववादी नेताओं को अरेस्ट किया था, उनमें बिट्टा कराटे, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह (अल्ताफ फंटूश), अयाज अकबर, टी. सैफुल्लाह, मेराज कलवल और शहीद-उल-इस्लाम शामिल हैं। अल्ताफ हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी के दामाद हैं।
– एनआईए ने JKLF (जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट) के नेता फारूख अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे को दिल्ली में जबकि बाकी अलगाववादी नेताओं को श्रीनगर में अरेस्ट किया था। अयाज अकबर भी सैयद अली शाह गिलानी के करीबी हैं, अयाज तहरीक-ए-हुर्रियत के स्पोक्सपर्सन भी हैं। जबकि शहीद-उल-इस्लाम हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उदारवादी धड़े के स्पोक्सपर्सन हैं। इस धड़े के प्रमुख लीडर मीरवाइज उमर फारूख हैं।
– बता दें कि एनआईए ने 3 अलगाववादी नेताओं नईम खान, गाजी जावेद बाबा और बिट्टा कराटे को मई में दिल्ली बुलाकार पूछताछ की थी। उसी दौरान इन्होंने पाकिस्तान से फंडिंग की बात मानी थी। इससे पहले मई में ही एनआईए ने तहरीक-ए-हुर्रियत के नेता बाबा और JKLF के नेता कराटे से श्रीनगर में भी लगातार 4 दिनों तक पूछताछ की थी। उस दौरान उनसे कश्मीर में हिंसा के लिए हवाला चैनलों के जरिए फंड जुटाने के आरोप पर सवाल किए गए थे।
क्या हैं आरोप?
– अलगाववादी नेताओं पर आरोप है कि इन्हें कश्मीर में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, स्कूलों और अन्य सरकारी संस्थानों को जलाने जैसे विध्वंसक गतिविधियों के लिए लश्कर चीफ हाफिज सईद से पैसा मिलता है। घाटी में सिक्युरिटी फोर्सेस पर पत्थर बरसाने के लिए हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और पाक खुफिया एजेंसी ISI दोनों से फंडिंग होती है।
– एनआईए ने इस मामले में फिलहाल 13 लोगों के खिलाफ सबूत जुटाए हैं।
स्टिंग ऑपरेशन में हुआ था खुलासा
– एक न्यूज चैनल ने 16 मई को एक स्टिंग ऑपरेशन ब्रॉडकास्ट किया था। जिसमें कश्मीर के अलगाववादियों को पाकिस्तान के आतंकी गुटों से पैसे मिलने की बात का खुलासा हुआ था। इसके बाद 19 मई को एनआईए ने इन अलगाववादी नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था और प्रिलिमिनरी इन्क्वायरी शुरू की थी।
– हुर्रियत नेता नईम खान को स्टिंग ऑपरेशन में लश्कर से पैसे लेने की बात कबूल करते दिखाया गया था। खान रिपोर्टर से यह कहते नजर आए थे कि पाकिस्तान से आने वाला पैसा सैकड़ों करोड़ से ज्यादा है, लेकिन हम और ज्यादा की उम्मीद करते हैं। हालांकि बाद में खान ने स्टिंग को फर्जी करार दिया था।
– एनआईए की तरफ से कार्रवाई शुरू होने के बाद हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने नईम खान को सस्पेंड कर दिया था।
छापे में मिले थे लश्कर-हिजबुल के लेटरहेड्स
– एनआईए ने इस मामले में 3 जून को देश में 24 जगहों पर छापे मारे थे। कश्मीर में 14, दिल्ली में 8 और हरियाणा के सोनीपत में 2 जगहों पर छापे मारे गए थे। इस दौरान अलगाववादी नेताओं के घरों, ऑफिस और उनके कमर्शियल ठिकानों पर कार्रवाई की गई। दिल्ली में 8 हवाला डीलर्स और ट्रेडर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी।
– कश्मीर में कार्रवाई के दौरान 2 करोड़ रुपए और प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात जब्त किए गए। लश्करे-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के लेटरहेड्स, लैपटॉप, पेन-ड्राइव्स भी मिले थे।

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