राजनीती

राहुल पर हमले को लेकर संसद में भारी हंगामा

नई दिल्ली. संसद के दोनों सदनों में मंगलवार को हंगामा हुआ। लोकसभा में अपोजिशन ने गुजरात के बनासकांठा में हमले का मुद्दा उठाया। राजनाथ सिंह  ने कहा कि राहुल ने गुजरात में पुलिस या फिर एसपीजी की नहीं बल्कि अपने पर्सनल सेक्रेटरी की बात सुनी। वहीं, राज्यसभा में विपक्ष ने नोटों का मुद्दा उठाया। अपोजिशन का आरोप है कि सरकार 2 तरह के नोट छाप रही है।

राहुल को सुरक्षा मुहैया कराई गई थी…

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक लोकसभा में राजनाथ सिंह ने कहा, “पत्थरवाली घटना पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। राहुल गांधी को पुलिस सुरक्षा दी गई थी। पुलिसवाले उनकी गाड़ी में भी बैठे थे।”
– ”बीते दो साल में राहुल गांधी 6 फॉरेन टूर पर 72 दिन बाहर रहे। लेकिन उन्होंने एसपीजी कवर नहीं लिया। हम जानना चाहते हैं कि वे कहां गए थे? उन्होंने एसपीजी कवर क्यों नहीं लिया? यह न सिर्फ एसपीजी एक्ट का वॉयलेशन है, बल्कि सिक्युरिटी के मामले में लापरवाही भी है।”
– राजनाथ ने कहा- ”राहुल जहां जाते हैं, उस इलाके की पुलिस या एसपीजी अफसरों की नहीं सुनते। वे सिर्फ अपने पर्सनल सेक्रेटरी की सुनते हैं।”
– “गुजरात सरकार इस मामले की जांच कर रही है। एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हो चुकी है। राहुल को सुरक्षा से जुड़े सुझाव मानने चाहिए। पथराव की घटना के बाद बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया। राहुल पुलिस की उपलब्ध कराई गई गाड़ी में नहीं बैठे।”
गुजरात में कौन-से टेररिस्ट आए थे?
– लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा- ”सदन में बीजेपी के नेता और सरकार की तरफर से एक वक्तव्य आया था कि जम्मू-कश्मीर में जो पथराव हो रहा है वो टेररिस्ट कर रहे हैं। …एक तरफ गोली मारकर जान लेते हैं। यहां पत्थरबाजी करके उनकी जान लेने की कोशिश हो रही है। गुजरात में कौन-से टेररिस्ट आए। क्या जम्मू-कश्मीर से आए। क्या बीजेपी के कार्यकर्ता टेररिस्ट बनकर उनकी (राहुल की) जान लेना चाहते थे?
क्या है मामला?
– 4 अगस्त को गुजरात के बाढ़ प्रभावित इलाके बनासकांठा के दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी की कार पर कुछ लोगों ने पत्थर फेंके। राहुल की कार का पिछला शीशा टूट गया। हालांकि, उनको कोई चोट नहीं आई।
– बाद में राहुल ने ट्वीट किया। कहा- नरेन्द्र मोदी  जी के नारों से, काले झंडों से और पत्थरों से हम पीछे हटने वाले नहीं हैं, हम अपनी पूरी ताकत लोगों की मदद करने में लगाएंगे। वहीं, बीजेपी जनरल सेक्रेटरी कैलाश विजयवर्गीय ने तंज कसते हुए कहा- हम नहीं जानते हमला वास्तव में हुआ या इसे रचा गया था।
– राहुल ने बनासकांठा में कहा, “काले झंडे दिखाए तो हमने सोचा कि देखते हैं इनमें कितना दम है। गाड़ी से निकला। वो 8 या 10 लोग थे, भाग गए। सच्चाई ये है कि वो डरपोक लोग हैं। महात्मा गांधी ने ये सिखाया है कि पत्थरों से और नरेंद्र मोदी के लोगों से डरने की जरूरत नहीं है। मैं यहां लोगों का दुख देखने आया हूं। हमारे पास गुजरात और हिंदुस्तान में सरकार नहीं है। पर सांसद हैं लोकसभा और राज्यसभा में। जो भी हो सकेगा हम आपकी मदद करेंगे। कल में असम गया। आज राजस्थान और गुजरात। देश में दो समस्याएं हैं।”

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amit tomer

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