आगरा

खिलौने मिले तो खिले बच्चों के चेहरे

सच का उजाला नेटवर्क
आगरा। न बचपन वाली उमंग है न ही कोई शरारत। आंखों में परियों के सपनों के बजाय, कैद से छूटने के इंतजार की चिंता। यह वो बचपन है जिसने कोई गुनाह नहीं किया। फिर भी बचपन जेल में बीत रहा है। अपराध है तो सिर्फ यह कि वह उस मां के बच्चे हैं, जिन्हें जाने अनजाने में हुए अपराध की जेल में कुछ वर्षों की सजा मिली है। ऐसे बच्चों की मदद के लिए कोहिनूर क्लब (लायन्स क्लब) की सदस्याओं ने हाथ आगे बढ़ाया है।
कोहिनूर क्लब की सदस्यों ने जेल में अपनी माताओं के साथ कैद की सजा काट रहे 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए खेल खिलौने बांटे। पहली बार जेल में खिलौने देख यहां मौजूद 25 बच्चों के चेहरे ऐसे खिल उठे जैसे रेगिस्तानी पौधों को पानी की बूंदें मिल गई हों।

हेल्थ कैम्प व बच्चों को शिक्षित करने के लिए की जाएगी शिक्षिका की व्यवस्था

क्लब की ओर से बच्चों के बैठने के लिए कुर्सी, खेल खिलौने व महिलाओं के लिए साड़ियां सावन के महीने में उपहार स्वरूप प्रदान की गई। डिस्ट्रिक गवर्नर पारस अग्रवाल व क्लब की अध्यक्ष आशु मित्तल ने बताया कि जल्दी ही इन बच्चों को शिक्षित करने के लिए भी एक शिक्षिका की वयवस्ता की जाएगी। चार्टर प्रसीडेंट बबिता चौहान ने कहा कि इस तरह का आयोजन जेल में बच्चों के लिए पहली बार किया गया है। खिलौने पाकर बच्चों के चेहरे पर जो खुसी नजर आई उसे बयां नहीं किया जा सकता।
इस मौके पर जेल के अधीक्षक शशिकांत, जेलर संजीव सिंह, एसआई एसएच जाफरी, क्सब की सदस्याओं में सचिव उषा अग्रवाल, कोषाध्यक्ष माधुरी गुप्ता, प्रीति अग्रवाल, राशि गर्ग, रीना गर्ग, सारिका अग्रवाल, अंजु बावरी, बबिता अग्रवाल, सुषमा जैन, नीति अग्रवाल आदि मौजूद थीं।

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amit tomer

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