हेल्थ

जीभ के रंग से जानें अपनी सेहत का हाल

सभी लोग मुंह की सफाई पर काफी ध्यान देते हैं ताकि सांसों की बदबू न आए। अक्सर खाना खाने के बाद जीभ पर कुछ न कुछ जम जाता है और उसका रंग बदल जाता है। ऐसे में ब्रश या टंग क्लीनर की मदद से जीभ को साफ कर लिया जाता है लेकिन कई बार साफ-सफाई के बावजूद भी जीभ का रंग और आकार बदल जाता है जिससे शरीर में होने वाली कई बीमारियों के संसफेद परत
आमतौर पर जीभ का रंग गुलाबी होता है लेकिन शरीर में एंटीफंगल और यीस्ट की मात्रा बढ़ने की वजह से जीभ पर सफेद परत जम जाती है जो शरीर को नुकसान पहुंचाती है।
काली और बालदार जीभ
जीभ की यह अवस्था बहुत कम देखने को मिलती है लेकिन अगर ऐसा हो जाए तो यह काफी नुकसानदेह साबित होता है।
यह कैंसर और डायबिटीज के लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा मुंह में बैक्टीरिया फैलने की वजह से भी जीभ का रंग काला हो जाता है।
लाल और सफेद दाग
जीभ का ऐसा रंग होना आम बात है। ऐसे में घबराने की या इसका इलाज करवाने की जरूरत नहीं होती।
जीभ का लाल होना
ज्यादातर बुखार और गले में इंफैक्शन होने की वजह से जीभ का रंग लाल हो जाता है। इसके अलावा शरीर में फोलिक एसिड, आयरन और विटामिन बी12 की कमी हो जाने से भी जीभ का रंग लाल हो जाता है।
सफेद लाइन
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाने पर जीभ पर सफेद लाइनें पड़ जाती हैं।
घाव
मुंह में छाले होने से जीभ पर घाव हो जाते हैं और कुछ भी खाने-पीने पर काफी परेशानी होती है।केत मिलते हैं। आइए जानिए कैसे जीभ के रंग से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में पता लगा सकते हैं।

Add Comment

Click here to post a comment




Trending