जरा हटके

चिकन के धोखे में कुत्ते का मांस खा रहे हैं लोग

सोचिए आप कहीं घूमने जाएं. और उस जगह पर आप खाना खाएं. लेकिन जो मीट आप चिकन समझकर खा रहे हो और बाद में पता चले कि वो चिकन नहीं, बल्कि कुत्ते का मांस था. ऐसा हो रहा है एक घूमने वाली जगह पर, जहां लोग चिकन समझकर कुत्ते का मांस खा रहे हैं. और लोगों को इस बात का पता भी नहीं था. लेकिन अब इस बात का खुलासा हो गया है. कुत्ते को काटने और उसको परोसने का तरीका हिडेन कैमरे में कैद हो गया है.

बाली, इन्डोनेशियाई आइलैंड है. जो वेस्टर्न और ऑस्ट्रेलियन टूरिस्ट की पसंदीदा जगह है. यहां कम खर्च और ज्यादा खर्च करने वाले दोनों तरह के लोग घूमने आते हैं. इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक यहां घूमने आने वालों को कुत्ते का मांस परोसा जा रहा था. और लोग चिकन समझकर खा रहे थे. इस बात का खुलासा एनिमल ऑस्ट्रेलिया ऑर्गेनाइजेशन की इन्वेस्टिगेशन में हुआ है. जिसमें बताया गया है कि कुत्ते के मांस का व्यापर लोगों को धोखा देकर किया जा रहा था.

एनिमल ऑस्ट्रेलिया ऑर्गेनाइजेशन ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें दिखाया गया है कि किस तरह बेरहमी से कुत्तों को मारकर उन्हें मीट फूड मार्केट तक पहुंचाया जा रहा है.

ऑर्गेनाइजेशन से जुड़े लिन व्हाइट ने बताया कि जब मार्केट में आने वाले मांस के बारे में जांच शुरू की थी तो सोचा भी नहीं था कि टूरिस्ट एरिया में कुत्ते का मांस परोसा जा रहा है. लिन का कहना है,

‘मैं समझ सकता हूं कि जब लोगों को इस सच के बारे में पता चलेगा तो जो लोग बाली में घूमने के लिए आ चुके हैं, उनके लिए ये परेशान करने वाला होगा.’

कुत्ते का मांस काटते हुए. (वीडियोग्रैब)

वीडियो में एक डॉग मीट वेंडर ऑस्ट्रेलियन टूरिस्ट्स के पास खड़ा दिख रहा है. पॉपुलर डबल सिक्स बीच पर वेंडर ने एक डॉलर में ‘सेट चिकन’ का ऑफर दिया. उसके बॉक्स पर भी ‘सेट’ (ग्रिल्ड मीट) लिखा था. टूरिस्टस को कुत्ते का मांस होने का शक था, इसलिए उसने कंफर्म करने की भी कोशिश की, लेकिन वेंडर ने उसे इस बारे में कुछ नहीं बताया.

इसके बाद जब एनिमल ऑस्ट्रेलिया के इन्वेस्टिगेटर्स ने वेंडर से बातचीत की, तब उसने कुत्ते का मांस बेचने की बात कही. जब जांच करने वाले ने पूछा, क्या इसीलिए तुमने बॉक्स पर कुत्ते की फोटो लगाई हैं, तो उसने हां में जवाब दिया.

वीडियोग्रैब

एनिमल ऑस्ट्रेलिया की ये जांच चार महीने तक चली. इसमें एक से बढ़कर एक खुलासे हुए. कुत्तों को कहीं पैर से गला दबाकर मारा जा रहा है तो कहीं ज़हर देकर. वीडियो के आखिर में कुत्तों को बचाने की अपील की गई है. जो लोग पकड़-पकड़ के काट दे रहे हैं.

वीडियोग्रैब

मांस की पड़ताल में जुटे ल्यूक का कहना है कि ये जानवरों के साथ क्रूरता तो है ही, लेकिन सबसे बड़ा झटका तो उन टूरिस्ट्स के लिए है, जो अनजाने में चिकन समझकर कुत्ते का मांस खा गए. वहीं जो कुत्ते ज़हर देकर मारे जा रहे हैं. उनके ज़रिए ज़हर मार्केट में पहुंच रहा है, जो लोगों के लिए बहुत ही खतरनाक है. सबसे ज्यादा टारगेट पर टूरिस्ट्स होते हैं. मोबाइल डॉग वेंडर ‘बीच’ पर पहुंचते हैं और झूठ बोलकर अपना सामान टूरिस्ट्स बेच जाते हैं.

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