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कुछ प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी ऐसी जो सिर्फ हम भारत को दे सकते हैं: सर्गेई चेमेजोव

जुकोवस्की (रूस). रूस ने कहा है कि दुनिया में कुछ बेहद खास डिफेंस प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी ऐसी हैं, जो सिर्फ वो भारत को दे सकता है, कोई दूसरा देश नहीं। ये बात रूस के रोस्टेक स्टेट कॉर्पोरेशन के सीईओ सर्गेई चेमेजोव ने कही। चेमेजोव ने मंगलवार को दुनिया के चुनिंदा पत्रकारों से बात की। इस दौरान उनसे भारत के दूसरे देशों से डिफेंस डील साइन करने के बारे मे सवाल किया गया था। बता दें कि हाल ही में भारत और रूस ने एक अहम डिफेंस डील साइन की है।
और क्या कहा रोस्टेक के सीईओ ने….
– रूस में इन दिनों MAKS- 2017 एयर शो चल रहा है। इसमें दुनिया के तमाम देशों की तमाम बड़ी फाइटर जेट और हेलिकॉप्टर कंपनियों ने हिस्सा लिया।

– इसी एयर शो से अलग चेमेजोव ने मीडिया से बात की। उनसे पूछा गया कि भारत इस वक्त अमेरिका, फ्रांस और इजराइल से बड़ी डिफेंस डील कर रहा है, क्या इससे रूस से उसके रिश्तों पर असर पड़ेगा?
– जवाब में चेमेजोव ने कहा- भारत से हमारे रिश्ते बहुत पुराने और खास हैं। दोनों देशों के बीच स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप भी है। हम जानते हैं कि भारत दूसरे देशों से भी डिफेंस डील कर रहा है। लेकिन, कुछ बेहद खास डिफेंस प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी ऐसी हैं जो सिर्फ रूस ही भारत को दे सकता है।
 टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी करेंगे
– एक सवाल के जवाब में चेमेजोव ने कहा- ये जान लेना जरूरी है कि रूस ही इकलौता ऐसा देश है जो भारत को पूरी तरह मैन्यूफेक्चरिंग टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करता है। हम चाहते हैं कि भारत की डिफेंस कंपनियां फुल स्केल पर प्रोडक्शन करें। बता दें कि रोस्टेक में 700 ऐसी कंपनियां ऐसी हैं जो हाईटेक सिविल और मिलिट्री प्रोडक्ट बनाती हैं। इसी कंपनी से भारत ने हेलिकॉप्टर डील भी की है।
 दूसरे देशों से संबंधों पर दिक्कत नहीं
– चेमेजोव ने आगे कहा- हमारी अपनी खासियत है। दूसरे देश अपना काम करते हैं। इसका मतलब ये नहीं है कि भारत के दूसरे देशों से डिफेंस रिलेशन को लेकर हमें कोई दिक्कत है। दोनों देशों के बीच बेहतरीन कोऑपरेशन है।
– फिलहाल, भारत और रूस एक लॉन्ग टर्म स्ट्रैटेजी बनाने पर काम कर रहे हैं। भारत की रक्षा जरूरतों को पूरा करने में रूस का अहम रोल रहा है। हालांकि, बीते कुछ साल में इसमें कमी आई है। लेकिन, अब दोनों देश फिर से इस पर काम कर रहे हैं।
– भारत अमेरिका और इजराइल के साथ भी कई अहम डिफेंस डील कर चुका है। नरेंद्र मोदी पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री हैं जो इजराइल के दौरे पर गए।
तीनों सेनाओं को रूस ने दिए हथियार
– चेमेजोव ने कहा- सोवियत रूस के जमाने से अब तक हम इंडियन आर्मी (थल सेना) को 40, एयरफोर्स को 80 और नेवी को 75 फीसदी इक्युपमेंट और हथियार सप्लाई कर चुके हैं। इसलिए हम भारत को शुरू से अपना स्ट्रैटेजिक पार्टनर मानते आए हैं।
– रूस भारत को अब SU-30MKIs और टी-90 टैंक देने जा रहा है। शुरुआती खेप के बाद इन्हें पूरी तरह भारत में ही बनाया जाएगा।

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amit tomer

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